About Me



निकला था चंद हसीन सपनों के साथ, ज़िंदगी के थपेड़ों ने सपनों की राह ही बदल दी। चलना अपनी फितरत है, चलते रहे और ज़िंदगी ने 'पत्रकार' बना दिया। आजकल एक टीवी चैनल में ख़ास ख़बर बनाता हूं। लिखने की आदत है, लेखनी की जगह अब कीबोर्ड पर दसों उंगलियों का सरगम बजता है और बन जाती एक नादान रचना। उन्ही में से कुछ को यहां संसार से बांटने की छोटी सी कोशिश है 'संदेश'